Poem : कुछ भी नहीं है मेरा यहाँ
कुछ भी नहीं है मेरा यहाँकुछ भी नहीं ना रुखसत पे कोई आँसूना आने पे कोई गेसूना बाहों के कहीं घेरेना खिलते हुए चेहरे कुछ भी नहीं है मेरा यहाँकुछ भी नहीं ना जीने का सबब कोईना मरने की वजह कोईना सुबहो की कोई ख्वाइशना शामों का कोई अरमां कुछ भी नहीं है मेरा यहाँकुछ … [Read more…]




