Poem: Ek Shabd
कभी एक शब्द का मुझेहर घड़ी इन्तेज़ार रहता हैकभी एक शब्द के लिएमेरा दिल बेकरार रहता है कभी एक शब्द कैसे पल भर मैंसारे रिश्ते बिखेर देता हैकभी एक शब्द हम को यादों केजंगल मैं घेर लेता है कभी एक शब्द दिल के दरिया मैंकोई आस घोल जाता हैकभी एक शब्द जाने कितने दरवाज़ेएक घड़ी … [Read more…]

