Poem: हम सब एक हैं

राजनीती कुछ और नहींबस रेखाएं हैंकुछ समय परऔर कुछ ज़मीन परएक तरह से देखो तोपहचान देने का माध्यमदूसरी तरह से देखो तोविभाजित करने का माध्यमसमय पर बनी रेखाकभी अहंकार से भर देती हैये काम हमारे पूर्वजों नेकिसी और से पहले कियाया कभी श्रेष्ठता का भावस्वयं के महान होने का भरोसाज़मीन पर रेखा हमेंपरिभाषित भी करती … [Read more…]




