Poem: कई बातें
उलझे हुए लफ़्ज़ों मेंकहता हूँ कई बातेंकुछ तैरती रहती हैंकुछ दिल में उतर जाती हैंकुछ एहसास के सायों सेफलक तक चली जाती हैंकुछ रेत में उड़ती हैंकुछ अश्कों से तर जाती हैंकुछ रेंगती जाती हैंयादों के उफक तककुछ खुद से ही डर केभीतर ही सिमट जाती हैंकुछ बातें है ऐसी भीजिन की कोई बात नहीं … [Read more…]
