Poem – इस पेड़ पे जो लटकी हैं, वो लाशें नहीं हैं
इस पेड़ पे जो लटकी हैं, वो लाशें नहीं हैं खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ थीं वो किसी घर की इज़à¥à¥›à¤¤ थी किसी के दर की खेलती थी कà¤à¥€ शायद इसी पेड़ के तले छà¥à¤ªà¤¤à¥€ थी कà¤à¥€ शायद इस पेड़ की ओट में और शायद कà¤à¥€ इस पेड़ पे चॠके खेल à¤à¥€ होगा पर आज वो … [Read more…]
