मौत की रोटी
A poem dedicated to those innocent kids who died in Bihar. मौत की रोटी बेचते हैंखुले आम ज़हर के सौदागरमासूम ज़िन्दगी की कीमतआज यहाँ कुछ भी नहींएक और किस्सा हुआएक और खबर बनीकुछ और ब्रेकिंग न्यूज़कुछ और इंटेलेक्चुअल व्यूज़होंगे आरोप और प्रत्यारोपकमेटियां बैठेंगी औरकुछ सवाल खड़े होंगेवक़्त गुज़रता जाएगाऔर भूल जाएगा ये सबहमारा अल्प स्मृति … [Read more…]
