Poem: प्यार का खर्च

निकलते तो सभी हैं प्यार की गुल्लक भरी ले कर एक गर्व के साथ एक ख़ुशी के साथ लगता है ये खज़ाना कभी भी ख़तम नहीं होगा पर ज़िन्दगी और पैसे की तरह ये जो प्यार है ना वो भी खर्च हो जाता है वो पहली लड़ाई वो पहला आरोप प्रत्यारोप वो माफ़ी न देने … [Read more…]








