Poem: मुझे गर्व है हिंदी पर

मुझे गर्व है हिंदी परजो उर्दू को भी स्वीकार करती हैऔर अंग्रेजी को भीकुछ बदल जाती हैपर बहुत कुछ मिटता नहीं हैकोई मिठास लाता हैकोई नयी श्वास लाता हैहिंदी भाषा में हर कोईएक नया आभास लाता है मुझे गर्व है हिंदी परबिहार जाती है तोभोजपुरी बन जाती हैमिथिला जाती है तोमैथली बन जाती हैमुंबई जाती … [Read more…]








