एकाकी मन के विस्तृत पटल पे
एकाकी मन के विस्तृत पटल पेस्मृति की रेखाएं इंगित हैंकुछ इतनी सूक्ष्मकि प्रतीत भी नहीं होतींकुछ इतनी गहरीकि नींव को भीविध्वंसित कर देंएकाकी मन के विस्तृत पटल पे…इन रेखाओं मेंछुपे हैंअनगिनत क्षणप्रसन्नता केउन्मुक्त उल्लास केगहन पीड़ा केटूटे हुए विश्वास केकुछ ऐसे जो मुझेनिशब्द कर गएकुछ ऐसे जोबरस पड़ेआहट दिए बिना हीएकाकी मन के विस्तृत पटल … [Read more…]
